मनीष शुक्ल 'मनी'

मनीष शुक्ल 'मनी'

Tuesday, January 4, 2011

मै भला हू या बुरा रहने दो ,,,,,,,,,

मै भला हू या बुरा रहने दो 
मै जैसा हू वैसा बना रहने दो 

मुझको दिए है तुने  तोहफे बहुत 
मै  भूला हू  वो सब भूला रहने दो 

शराफत है कितनी तुझमे पता है 
बस एक पर्दा है पड़ा रहने दो

अब   दर्द में आवाज़ मत दो मुझे
बेवफा बोला था न बेवफा रहने दो 

'मनी' आजकल बहुत हँसता  हू मै 
दूर रखो  खुदको मुझे जुदा रहने दो 
                  ........मनीष शुक्ल 
 

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