लाज़वाब
मनीष शुक्ल 'मनी'
Pages
Home
Contact Me
Wednesday, November 9, 2011
खामोश ही बैठा रहा और आँख भर आई,,,
आज फिर दिल टूटा फिर उनकी याद आई
खामोश ही बैठा रहा और आँख भर आई,,,मनी
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Comments (Atom)