मनीष शुक्ल 'मनी'

मनीष शुक्ल 'मनी'

Wednesday, December 15, 2010

तुम ऐसे न खुद को चुराया करो , कभी सामने आ भी जाया करो

तुम ऐसे न खुद को चुराया करो
कभी सामने आ भी जाया करो

मै देखने के लिए बैठा हु देखो
कभी तो नजरे मिलाया करो

मै जगता हु सारी राते यहाँ पर
कभी खाव्बो में भी आया करो

बहुत उदास हू आज कल
कभी हँसा भी जाया करो

अब तो लोग कहने लगे है दीवाना
कभी खुद भी हिम्मत दिखाया करो

अब इतना न यु सताया करो
कभी तो दिल से लगाया करो
................मनीष शुक्ल

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