मनीष शुक्ल 'मनी'

मनीष शुक्ल 'मनी'

Monday, December 13, 2010

आज क्यों वो फिर याद आया क्यों दिल ने फिर गुनगुनाया

आज क्यों वो फिर याद आया
 क्यों दिल ने फिर गुनगुनाया 

क्यों आज ये   पलके भीगी 
क्यों  उसने ऐसा गीत गाया 

कुछ तो गुनाह था शायद मेरा भी 
न मै समझ  पाया न उसने बताया

आज भी मै दीवाना हु  बहुत उसका 
पर न उसने देखा और न मैंने दिखया 

'मनी' इतना तो तय है कि मोहब्बत थी उसको
  भी 'पर न उसने माना और न मैने  मनाया 
          ....................मनीष शुक्ल                

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